मंडी गोबिंदगढ़: ‘पंजाब सखी शक्ति मेले’ में उमड़ा जनसैलाब, सिप्पी गिल व लाभ हीरा की प्रस्तुति पर झूमे दर्शक
-
खालसा स्कूल ग्राउंड में 6 सितंबर तक चलेगा महिला सशक्तिकरण को समर्पित यह विशाल मेला
-
विधायक गैरी वड़िंग व् नगर काउंसिल के अध्यक्ष हरप्रीत सिंह प्रिंस बोले- ‘रंगला पंजाब’ बनाने में महिलाओं का अहम योगदान
-
मेले में हस्तशिल्प स्टॉलों और लजीज व्यंजनों पर लगी भारी भीड़

मंडी गोबिंदगढ़, 26 अगस्त (मनोज भल्ला ):-पंजाब सरकार द्वारा महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित ‘पंजाब सखी शक्ति मेला’ इन दिनों मंडी गोबिंदगढ़ में पूरी शानो-शौकत के साथ जारी है। जिला प्रशासन फतेहगढ़ साहिब के सहयोग से जी.टी. रोड स्थित खालसा स्कूल ग्राउंड में सजाए गए इस 17 दिवसीय विशाल मेले में रोजाना भारी संख्या में शहरवासी अपने परिवारों के साथ पहुंच रहे हैं। 21 अगस्त से शुरू हुआ यह मेला आगामी 6 सितंबर 2026 तक लगातार चलेगा।
महिलाओं के हुनर को मिल रहा बड़ा मंच: गैरी वड़िंग
मेले के सफल आयोजन पर चर्चा करते हुए अमलोह के विधायक गुरिंदर सिंह ‘गैरी वड़िंग’ ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में राज्य सरकार महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने जोर देते हुए कहा, “यह मेला केवल मनोरंजन का साधन मात्र नहीं है, बल्कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के हुनर को एक बड़ा बाजार और मंच प्रदान करने का जरिया है। आज महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत होकर ‘रंगला पंजाब’ के सपने को साकार करने में अपनी मुख्य भूमिका निभा रही हैं।”

- Advertisement -
विज्ञापन बॉक्स (विज्ञापन देने के लिए संपर्क करें)
इसी क्रम में मंडी गोबिंदगढ़ नगर काउंसिल के अध्यक्ष हरप्रीत सिंह प्रिंस ने शहरवासियों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में मेले में पहुंचकर इन महिला उद्यमियों का हौसला बढ़ाएं। उन्होंने आश्वस्त किया कि नगर काउंसिल की ओर से मेला स्थल पर स्वच्छता, पीने के साफ पानी, लाइट और प्राथमिक सुविधाओं के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं ताकि किसी भी आगंतुक को परेशानी न हो।
सांस्कृतिक छटा और हस्तशिल्प स्टॉलों पर खरीदारी की होड़
यह मेला कला, संस्कृति और स्वदेशी कलाकृतियों का एक बेजोड़ संगम बन गया है। मेले की सांस्कृतिक संध्या में प्रसिद्ध पंजाबी गायक सिप्पी गिल और मशहूर लोक गायक लाभ हीरा ने अपनी लाइव प्रस्तुतियों से दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। इसके अतिरिक्त विभिन्न स्कूलों व कॉलेजों की छात्राओं द्वारा पेश किए जा रहे गिद्धा, सम्मी और पारंपरिक लोकनृत्यों ने पंजाब की समृद्ध संस्कृति की शानदार छटा बिखेरी है।

मेले में महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा तैयार की गई पारंपरिक फुलकारियां, हस्तनिर्मित वस्त्र, सजावटी वस्तुएं और घर के बने स्वादिष्ट अचार-मुरब्बों के स्टॉल लोगों के आकर्षण का मुख्य केंद्र बने हुए हैं, जहां जमकर खरीदारी हो रही है।
बच्चों के लिए ‘जलपरी शो’ और सुरक्षा के कड़े प्रबंध
बच्चों और युवाओं के मनोरंजन के लिए मेले में विशेष रूप से ‘जलपरी शो’और तरह-तरह के विशाल झूले लगाए गए हैं। वहीं, जायके के शौकीनों के लिए पारंपरिक पंजाबी खाने के फूड स्टॉल सजे हैं।मेले में उमड़ रही भारी भीड़ के मद्देनजर जिला प्रशासन तथा पुलिस विभाग ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए जी.टी. रोड सहित आसपास के मार्गों पर विशेष पुलिस बल तैनात किया गया है और पूरे मेला परिसर की सीसीटीवी कैमरों से कड़ी निगरानी की जा रही है।








